Bermo: एक विधवा अपने पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटक रही है। बूढ़े माता-पिता के बेटे की असामयिक मौत से सहारा ही टूट गया। मामला गोमिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार ढेंढे ग्राम निवासी चरकू यादव 18 अगस्त को सीसीएल स्वांग कोलियरी के बंद पिपराडीह से कोयला लाने के लिए गया था। कोलियरी में चाल धंसने से दब गया। उसके साथ कुछ और लोग भी थे, जो बाहर निकलने के बाद घर वालों को जानकारी दी। कुछ ही देर में पुलिस, प्रशासन और सीसीएल के अधिकारियों को भी जानकारी मिली तो सभी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। बताया जाता है कि दूसरे दिन एनडीआरएफ की टीम भी खदान में खोजबीन की, लेकिन खतरे की आशंका देखकर वे लौट गएं। मृतक के परिजन खदान के बाहर टकटकी लगाए बैठे रहें, लेकिन मृतक का अंतिम दर्शन नहीं कर सके। सीसीएल प्रबंधन पुलिस की मौजूदगी में अवैध खदान के मुहाने को डोजरिंग कर बंद कर दिया। मृतक के शव निकालने के सारे रास्ते बंद कर दिए गएं। पति के इंतजार में मृतक की पत्नी मीला देवी की आंखों के आंसू सूख गए हैं। जबकि इकलौता पुत्र कृष्णा यादव के पिता का साया सिर से हमेशा के लिए चला गया। जब शव निकलने की आशा टूट गई, तब घटना के तीन दिन बाद परिजनों ने मृतक का पुतला बनाकर उसका दाह संस्कार किया।

हकीकत यह है कि मीला देवी का अब कोई सहारा नहीं है। पति की मृत्यु के बाद विधवा की जिंदगी जी रही है। एक बेटा है कृष्णा यादव, वह इंटर में पढ़ता है, चिंता है कि जीवन कैसे चलेगा। आगे की पढ़ाई कैसे होगी। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण सरकार मानने को तैयार नहीं है कि वह विधवा है? पेंशन का फार्म भी नहीं भरा जा रहा है। सरकारी कर्मचारी कहते हैं कि कोई प्रमाण कैसे दें कि आपके पति का निधन हो गया है। मृतक के पिता ने कहा कि बेटा तो चला गया, अब पोता और बहू की चिंता सता रही है। किसी तरह से सरकार मदद करे, ताकि कुछ राहत मिल सके। गोमिया के बीडीओ कपिल कुमार ने कहा कि मृतक का शव अब तक नहीं मिला है। सरकारी नियम के तहत ही कार्य होगा। इस मामले में वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि विधवा को सरकारी लाभ मिल सके।

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