Bokaro: 8 अक्टूबर को आनंदमार्ग का कीर्तन दिवस है। इस तिथि को आनंद मार्गी भक्त गण पूरे विश्व में कीर्तन दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर अमझरिया के उद्गम स्थल पर 48 घंटे का बाबा नाम केवलम कीर्तन चल रहा है। बताते चलें 8 अक्टूबर 1970 को भगवान श्रीश्री आनंदमूर्ति जी एवं आनंद मार्ग के प्रवर्तक लातेहार जिला के आमझरिया विश्राम गृह में बाबा नाम केवलम अष्टक्षरी सिद्ध महामंत्र रूप में कीर्तन का अभूतपूर्व अवदान मानवता को भेंट किया। कीर्तन का अर्थ होता है जोर-जोर से पुकारना। भक्त अपने परम आराध्य को कीर्तन के माध्यम से पुकारता है और परम आराध्य उस कीर्तन के ध्वनि को सुनकर तथा कीर्तन के तरंग को महसूस कर अपने भक्तों की ओर चले आते हैं। इस प्रकार भक्त और भगवान का मिलन होता है। वैसे तो कीर्तन अनेक प्रकार की होती है, लेकिन भक्त और भगवान का जो मिलन है , कीर्तन का यही मूल तत्व है। अमझरिया में आयोजित 48 घंटे का बाबा नाम केवलम कीर्तन में बोकारो से काफी संख्या में इस पावन कीर्तन में भागने में लोग पहुंचे हैं। बाबा नाम केवलम कीर्तन से पूरा माहौल गुंजायमान हो रहा है। आयोजकों की तरफ से भक्तों के ठहरने, खाने की व्यवस्था की गई है। उक्त जानकारी आनंद मार्ग प्रचारक संघ के आचार्य रमेंद्रानंद अवधूत ने दी।

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