गिरिडीह में 19 सितंबर को एक समीक्षा बैठक की गई। इलेक्ट्रो होम्योपैथिक फाइव एलिमेंट कार्यशाला के सफल होने के बाद अगले वर्ष बृहद पैमाने पर कार्यशाला आयोजित करने का फैसला किया गया।

इस अवसर पर डॉ लोकनाथ सहाय ने चिकित्सकों से कहा कि अपनी ही चिकित्सा पद्धति फाइव एलिमेंट से डायग्नोस्टिक कर चिकित्सा करें। साथ ही अन्य चिकित्सकों को इसके बारे में बताएं। इलेक्ट्रो होम्योपैथिक रिसर्च फाउंडेशन के जोनल डायरेक्टर डॉ जियाउल हसन ने कहा कि इन चिकित्सकों के सहयोग के कारण ही दो दिवसीय कार्यशाला सफल रहा। कहा की अलग अलग विषयों को लेकर हम हर जिला में कार्यशाला का आयोजन करेंगे। झारखंड और बिहार के सभी इलेक्ट्रो होम्योपैथिक रिसर्च फाउंडेशन के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा। इलेक्ट्रो होम्योपैथिक रिसर्च फाउंडेशन के नेशनल प्रेसिडेंट डॉक्टर रेहानउल हुड्डा और बोकारो समन्वयक डॉ परमानंद चंद्रवंशी ने डायग्नोसिस के नए तरीके के बारे में बताया। इस डायग्नोसिस से मानव शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्परिणाम नहीं होता है। इस डायग्नोसिस से जटिल से जटिल रोग का इलाज संभव है, बस जरूरत है इसे जन-जन तक पहुंचाने का। इस मौके पर गिरिडीह जिला के समन्वयक डॉ अशोक ठाकुर, डॉ चांदसी रविदास, डॉ अशोक कुमार, डॉ कुमुद श्रीवास्तव, डॉ गुलाम अंसारी, डॉ पीसी मिश्रा डॉ राजेश दास, डॉ पूनम कुमारी, डॉ चंद्रशेखर दास सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ राजेश दास ने किया।

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