Bokaro के चंदनकियारी थाना क्षेत्र निवासी सीएसपी संचालक अभिजीत भगत से साइबर क्राइम के तहत पचास हजार निकासी के मामले में पुलिस ने तीन व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया।

न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता 

Bokaro: बोकारो जिले के चंदनकियारी थाना क्षेत्र निवासी सीएसपी संचालक अभिजीत भगत से साइबर क्राइम के तहत पचास हजार निकासी के मामले में तीन व्यक्ति को चंदनकियारी पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया, जबकि अन्य की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने इस मामले में देवघर जिले के चितरा थाना के अमित कुमार सिंह, चंदनकियारी के बारकामा निवासी रोहित कुमार और धनबाद जिले के टुंडी थाना के मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 

गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा अमित

पुलिस ने बताया कि चंदनकियारी के बरकामा निवासी रोहित राय व देवघर के चित्रा जिला निवासी अमित कुमार को चास के पटेल नगर से गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा हैं। जबकि धनबाद के टुंडी निवासी मिथलेश कुमार चंदनकियारी के एक गांव अपने रिश्तेदार के यहाँ मिलने आये थे।जबकि कांड में शामिल एक अन्य आरोपित नाबालिक होने की स्थिति में बाल सुधार गृह बोकारो भेजा गया।

एटीएम कार्ड, एक स्मार्ट वॉच व ब्लूटूथ बरामद 

तीनों के पास से लगभग डेढ़ दर्जन एटीएम कार्ड, एक स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ इयरफोन, चार स्मार्ट मोबाइल फोन समेत विभिन्न लोगों के नाम से एक दर्जन आधार कार्ड व वोटर कार्ड जब्त किया गया हैं। इन आधार कार्ड व वोटर कार्ड के माध्यम से सिम लेने की बात कही गई हैं। गिरफ्तार युवकों ने अपराध स्वीकार कर लिया है, जिनके खाते में राशि भेज दिया जाता था। उन्हें दस प्रतिशत मिलता था। जबकि काम कराने वाले को बीस प्रतिशत मिलता था। अभिजीत ने जिनके नाम केस दर्ज किया है, वे पढ़ने वाले स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें मात्र पांच-पांच हजार रूपये मिला है। घटना को अंजाम देने वाले ने स्वीकार किया है।

27 अगस्त को अभिजीत ने थाना में दिया था आवेदन

 मालूम हो कि 27 अगस्त को अभिजीत भगत ने थाना में आवेदन देकर गुहार लगाते हुए कहा था कि बीते 29 जुलाई को पश्चिम बंगाल के पाड़ा थाना अंतर्गत तदग्राम के 17 वर्षीय एक किशोर ने अस्पताल में भर्ती होने की बात अभिजीत भगत से पैसा मांगा था। अभिजीत चंदनकियारी सुभाष चौक में सीएचसी का संचालन करता हैं। किशोर ने अभिजीत भगत के पेटीएम में पचास हजार रुपया मंगवाया। अभिजीत ने उन्हें नगद 49999 रुपया दे दिए। दूसरे दिन अभिजीत का पेटीएम को कंपनी द्वारा फ़्रॉड का पैसा लेने के आरोप में बंद कर दिया गया। वहीं, जहां से पैसा आया था, उन्होंने अभिजीत के पेटीएम में रखा अतिरिक्त पंद्रह हजार रुपया भी निकाल लिया गया हैं। साथ ही पेटीएम खाते में फ़्रॉड के लगभग पचास हजार रुपया लेने के आरोप में कर्नाटक पुलिस न साइबर एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है।

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