Bermo: सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के जारंगडीह परियोजना से सटे खेतको गांव जो महज एक पुल का फासला। वर्षों गुजर गए जारंगडीह परियोजना को स्थापित हुए मगर आज तक इस गांव की ओर सीसीएल प्रबंधन का ध्यान नहीं गया,‌ जबकि नियमानुसार स्थापित क्षेत्र के लगभग 8 से 10 किमी रेडियस तक उस औद्योगिक कंपनी को विभिन्न तरह की सुविधाएं मुहैया करवाना अनिवार्य है। जबकि इस गांव के कई रैयतों की जमीन सीसीएल अधिग्रहण कर जारंगडीह परियोजना चला रही है। विस्थापितों की लड़ाई का बागडोर अपने हाथों में लेकर झामुमो के सक्रिय सदस्य सह रैयत विस्थापित मोर्चा के जारंगडीह शाखा अध्यक्ष इस्लाम अंसारी ने सीसीएल के अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू किया ताकि सीएसआर मद से उनके गांव में भी विकास कार्य हो। लंबे संघर्ष के बाद अब इसका असर भी दिखने लगा है। रविवार को सीसीएल कथारा मुख्य महाप्रबंधक हर्षद दातार के निर्देश पर खेतको गांव के सभी मुहल्लों, धार्मिक स्थलों में लाइट की व्यवस्था की गई‌‌। जारंगडीह कोलियरी के इलेक्ट्रिक फोरमैन सनाउल्लाह अंसारी की देख रेख में कार्य किया गया। अध्यक्ष श्री अंसारी ने कहा कि यह सारी सुविधाएं गांव वालों का हक है। हर मुहल्ले में लाइट कि सार्वजनिक व्यवस्था होने से गांव वाले काफी उत्साहित है। मौके पर साने अहमद, अजमत हुसैन, रामचंद्र यादव, बलराम महतो, मो महताब आलम, सुरेंद्र मिश्रा, अब्दुल कलाम, मुकेश यादव, लालू यादव आदि मौजूद थे।

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