Bokaro: बोकारो के राजनीति के ध्रुवतारा वह पूर्व मंत्री ‘दादा’ समरेश सिंह (81 वर्ष) का पार्थिव शरीर शुक्रवार यानी 2 दिसंबर को पंचतत्व में विलीन हो गया। अंतिम यात्रा सेक्टर 4 सिटी सेंटर स्थित उनके आवास से निकली गई। पूरा माहौल गमगीन और शोकाकुल था। बोकारो से चंदनकियारी की यात्रा के दौरान चास बोकारो के जिस जिस रास्ते से अंतिम यात्रा निकली, उन रास्तों पर लोगो ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। हर आखें नम थी।

स्कूली बच्चों ने रास्ते में नाम आंखों से विदाई दी। चास की गलियों और सड़क से गुजरने के दौरान महिलाओं ने अपने अपने छतों से फूल बरसा कर श्रद्धांजलि दी। लोगों का बड़ा काफिला, कोई बाइक से तो कुछ चारपहिया वाहन पर थे। 

कई घंटों का सफर :

चंदनक्यारी के पैतृक गांव देउलटांड पहुंचने में कई घंटे लगे। रास्ते में जगह जगह रोककर लोगों ने श्रद्धांजलि दी। रस्ते भर समरेश अमर रहे के नारों से पूरा माहौल गमगीन था।

वाहन पर पुत्र राणा सिंह, माना सिंह, सोना सिंह सहित परिवार के सदस्य सवार थे। शव यात्रा गांव पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया, हर आंख में आंसू था। पुत्र संग्राम ने मुखाग्नि दी। 14 राउंड फायरिंग के साथ सलामी दी गई।

मंत्री व पूर्व सीएम हुए शामिल :

अंतिम यात्रा में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, धनबाद सांसद पीएन सिंह, विधायक सरजू राय, बोकारो विधायक बिरंची नारायण,

बेरमो विधायक कुमार जयमंगल, गोमिया विधायक डॉ लंबोदर महतो, पूर्व विधायक उमाकांत रजक, जिप उपाध्यक्ष बबीत देवी, संजय बैद, सिद्धार्थ पारख सहित कई बड़े नेता और पार्टी व सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता शामिल थे। अर्जुन मुंडा ने कहा दादा के पास विकास का विजन था। रघुवर दास ने कहा जीवनभर उन्होंने संघर्ष किया।

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