Woman dies after delivery : पाकुड़ सदर अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत। बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है। आक्रोशित परिजनों ने इलाज में डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही का लगाया आरोप। लोगों ने दुमका पाकुड़ मुख्य पथ को लगभग दो घंटे तक जाम कर दिया।
न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता
Pakud : सोनाजोड़ी सदर अस्पताल में प्रसव के बाद महिला ( Woman dies after delivery) की मौत हो गई। वहीं, बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है।महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। लोगों ने दुमका पाकुड़ मुख्य पथ को लगभग दो घंटे तक जाम कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से दोषी चिकित्सक व नर्स पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला को गंभीर हालत में डॉक्टर ने रेफर कर दिया। उन्हें कहीं ले जाने का मौका नहीं मिला। अगर यह सूचना दो-चार घंटे पहले मिलती तो बाहर ले जाया जा सकता था। परिजनों का सीधा-सीधा आरोप है कि चिकित्सक एवं नर्स की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। वहीं, चिकित्सक आनंद कुमार ने कहना है कि महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह दी थी।
क्या है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिरणपुर प्रखंड के कदमटोला निवासी अभिजीत कुमार दास की पत्नी नैना देवी (18 साल) गर्भवती थी। जिसका इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव पीड़ा होने पर डॉ आनंद कुमार के नेतृत्व में शिशु का सकुशल प्रसव कराया गया। इसके पूर्व उन्होंने दो-तीन बार महिला की जानकारी ली थी। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए बवाल करने लगे। परिजनों ने डॉक्टरों पर नस काटने व ड्यूटी में तैनात नर्स पर मोबाइल में वीडियो कॉल से बात करने में व्यस्त रहने जैसे लापरवाही का आरोप लगाया है।
तैनात डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने इस मामले पर सिविल सर्जन मंटू टेकरीवाल से ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक एवं नर्स की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है। जानकारी के मुताबिक डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं परिजनों का कहना है कि कारवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है।
परिजनों को समझा-बुझा कराया मामला शांत
जाम की सूचना मिलते ही नगर थाना के एसआई संतोष कुमार, एसआई शुभम कुमार, एएसआई सनातन मांझी, योगेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझा कर मामला शांत कराया। इस संबंध में सिविल सर्जन से पूछे जाने पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे। जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल कम चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। चिकित्सकों की कमी के कारण कई बार सिविल सर्जन अपने ही कमान संभाल लेते हैं। लोगों का कहना है कि पाकुड़ की जनसंख्या के अनुसार चिकित्सकों की संख्या काफी कम है, इसे दुरुस्त करना चाहिए।
