Demonstration of State Anganwadi Sevika Sahayika: आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत महिला पर्यवेक्षिका की बहाली में आरक्षण, उम्र सीमा में छूट करने शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को शिथिल करने सहित लंबित 6 सूत्री मांगों के समर्थन में झारखण्ड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ ने बुधवार को शांति पूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद कम को 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
न्यूज़ इंप्रेशन, संवाददाता
Ranchi: आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत महिला पर्यवेक्षिका की बहाली में आरक्षण, उम्र सीमा में छूट करने शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को शिथिल करने, केन्द्रांश मानदेय मद की राशि में वृद्धि 5वी तारीख तक मानदेय भुगतान सहित लंबित कुल 6 सूत्री मांगों के समर्थन में झारखण्ड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ झारखण्ड के अनुषंगी संगठन झारखण्ड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ ने बुधवार को शांति पूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत मोरहाबादी मैदान से शुरू हुई। जुलूस के रूप में पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे, जहां धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया। धरनार्थियों ने कार्यक्रम स्थल से अपनी मांगों के समर्थन में आवास बुलंद की।सभा की अध्यक्षता माला देवी प्रदेश अध्यक्ष ने की। संचालन प्रदेश महासचिव राखी देवी ने किया। प्रधान वक्ता के रूप में सुशील कुमार पांडेय थे।
मुख्यमंत्री के इर्द गिर्द शकुनि स्वभाव के हैं नौकरशाह
वक्ताओं ने कहा कि हमारा मकसद घेराव कर मुख्यमंत्री का विरोध करना नही है, बल्कि राज्य में एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए जारी साजिश का पर्दाफाश करना है। मुख्यमंत्री के इर्द गिर्द बैठे लोग, सलाहकार जो शकुनि स्वभाव के नौकरशाह हैं, जिनके द्वारा राज्य में मेहनतकश आवाम को उकसाकर अशांति फैलाने का साजिश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इन लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। इस धरना प्रदर्शन के माध्यम से हम आगाह करते हैं कि आप झारखण्ड के अनुबंन्ध कर्मियों के मुद्दे पर अधिकारियों द्वारा उत्पन्न खटास को सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक कर समाधान करें।
चार वर्षो में सेवा शर्तों में कितना सुधार
आप अपने अधिकारियों से सिर्फ इतना जबाब मांगिये की विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी उच्चस्तरीय कमेटी ने चार वर्षो में कितने संविदाकर्मियों का स्थायीकरण और सेवा शर्तों में सुधार किया गया। शिक्षकों के ग्रेड पे 4200/4600 से घटाकर 2400/2800 करने का क्या औचित्य है। इसके क्या फायदे हैं, आपके चुनावी घोषणा पत्र, संविदा संवाद के वक्तव्य और पार्टी की विचारधारा से क्या किये गए कार्य मेल खा रहा है ? पोषण सखी, ई govt सोसायटी, तेजस्विनी, स्वच्छ भारत मिधन सहित अनेक संविदा कर्मियों का रोजगार छीन कर राज्य को क्या फायदा हुआ। आखिर संविदाकर्मियों का हर साल सेवा का नवीकरण क्यों किया जाता है। वेतनमान, समान काम समान वेतन जैसे मुद्दे गौण क्यों है।आखिर कैसी नियमावली बन रही कि एक भी नियुक्ति नहीं हो पा रही है और पड़ोसी राज्य बिहार में 15 दिनों में परीक्षा और परिणाम दोनों आ रहे हैं ।
राज्य को अशांत करने के लिए अफसर जिम्मेवार
राज्य को अशांत करने के लिए अफसर जिम्मेवार हैं। हम संविदाकर्मियों ने सरकार बनाई है, हम सब आपका शुभ चिंतक है और आपके खिलाफ जारी अफसरों की षड्यंत्र से हम सब चिंतित है। यही हाल रहा तो हताश संविदाकर्मियों ने अब मोर्चा खोल दिया है, फिर से विधानसभा सम्मेलन की शुरुआत हो रही है, जिसका प्रथम चरण दुमका से होगा। वक्त कम है इस आप बिना देर किए संविदा संवाद की 5वीं वर्ष गांठ 20 अक्टूबर 2023 को बिना शर्त राज्य के सभी संविदाकर्मियों को समान काम समान वेतन, वार्षिक सेवा नवीकरण से मुक्ति, दुर्गा पूजा के पहले जारी कर निराश संविदाकर्मियों को सौगात दें।
संविदाकर्मियों की समस्या का करें समाधान
मनरेगा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष महेश सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य को अशांत होने के पूर्व अपनी दरियादिली दिखाते हुए संविदाकर्मियों के साथ बैठ कर समस्या का समाधान करना चाहिए। मनरेगा, पारा शिक्षक बाल संरक्षण आंगनबाड़ी ,स्वास्थ्य विभाग सहित 45 से अधिक सविदा कर्मचारियों का 60 लाख निराश वोट बैंक आपके जयकारे करेंगे। कार्यक्रम का समन्वयन प्रदेश कोषाध्यक्ष सीता तिग्गा ने किया। इस मौके पर माला देवी, सरजी देवी, कोयल उरांव, चंचला देवी, अमला देवी, रीता शर्मा, आरती देवी, रजनी कुमारी, संगीता देवी, जीवन लता सोरेन, मधुलिका, डेहरी भारती, पूजा देवी, मीना मरांडी, अमोल बास्की, सुनीता देवी सहित हजारों आंगनबाड़ी सेविका सहायिका शामिल थी। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।