Bokaro के चीरा चास के वृति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में 72 वर्षीय मरीज का डॉक्टर ने किया आधा अधूरा ऑपरेशन। परिजनों ने चिकित्सक व अस्पताल संचालक पर लगाया लापरवाही का आरोप।

 

न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता 

Bokaro: बोकारो के चीरा चास स्थित वृत्ति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में शनिवार की सुबह करीब 10.30 बजे 72 वर्षीय फखिया देवी के इलाज के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया। मरीज की पुत्री रुखिया देवी, पुत्र राधानाथ गोराई व नाती कृष्णा कुमार ने अस्पताल संचालक रवि व चिकित्सक डॉ सुभ्रा वर्मा पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि महिला चिकित्सक ने आधा अधूरा ऑपरेशन कर मरीज को छोड़ दिया। बाद में कह दिया कि यह क्रिटिकल केस है। यहां ऑपरेशन नहीं हो पाएगा। उसके बाद मरीज की स्थिति को देखते हुए मरीज के पुत्र गोराई ने 100 पर डायल कर मदद मांगी। चिरा चास थाना के सब इंस्पेक्टर केशव कुमार दल बल के साथ अस्पताल पहुंचे। थाना ने घटना की जानकारी के लिए चिकित्सक को बुलाने के लिए कहा गया। लेकिन संचालक के फोन करने पर भी चिकित्सक नही पहुंची।

मरीज को थी पेट दर्द की शिकायत 

 मरीज का नाती कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया कि 15 दिन पहले पेट दर्द की शिकायत पर अपनी नानी को अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक रवि कुमार ने कहा था कि मरीज ठीक हो जाएगी। तीन बार पेट का अल्ट्रासाउंड व एक बार छाती का एक्स-रे कराया गया। इसके बाद बताया गया कि पेट में एब्सेस व यूट्रस का प्रॉब्लम है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं हो पाएगा। इसमें लगभग 40 हजार खर्च आएगा। हम लोगों ने एडवांस में 20 हजार जमा भी कर दिया। शनिवार को सुबह 10:30 बजे डॉ सुभ्रा वर्मा ने ऑपरेशन शुरू किया। पेट खोलने के थोड़ी देर बाद डॉ सुभ्रा ने कहा कि मैं पूरा ऑपरेशन नहीं कर पाऊंगी। कहीं दूसरे जगह ले जाइए। यह कहते हुए पेट को दोबारा टाका लगाकर बंद कर दिया। इसके बाद चली गई। मरीज को देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया। 

संचालक के जवाब से संतुष्ट नहीं

चीरा चास थाना (ओपी) प्रभारी केशव कुमार ने कहा कि 100 नंबर पर डायल करने के बाद मुझे घटना की सूचना मिली। उसके बाद मैं जांच के लिए वृति अस्पताल पहुंचा। संचालक के जवाब से संतुष्ट नहीं हूं। मरीज के परिजन के आवेदन का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। 

 पेट खोलने के बाद स्थिति का पता चला

डॉ सुभ्रा वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन से पहले मैंने परिजनों को सबकुछ बता दिया था। मरीज की उम्र ज्यादा है। पेट खोलने के बाद स्थिति का पता चला कि सारा ऑर्गन एक दूसरे से सटा हुआ है, ऑपरेशन करने से दूसरा ऑर्गन पर असर पड़ेगा। फिलहाल मरीज स्टेबल है, उसके बाद हायर सेंटर भेजा जाएगा। वहीं अस्पताल संचालक रवि कुमार का कहना है कि डॉक्टर ने किसी तरह का कोई गलत ऑपरेशन नहीं किया है। ऑपरेशन करने के बाद पता चला कि इतना प्रॉब्लम है, इसलिए डॉक्टर ने रिस्क नहीं लिया।

जांच कमेटी से कराएंगे मामले की जांच

 बोकारो सिविल सर्जन डॉ दिनेश कुमार ने कहा कि घटना गंभीर है। जांच कमेटी का गठन कर मामले की पूरी जांच करेंगे। दोषी पाए जाने पर संचालक और चिकित्सक पर कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही है तो कंज्यूमर में जाने वाला मामला बनता है।

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